(रेखा)
चांद से भी हसीन मैंने कोई देखा है...शहद से मीठी वाणी नाम उनका रेखा है...
मुखड़ा उनका जैसे कोई नया फूल खिला हो...
एहसास ऐसा जैसे चांद चांदनी से मिला हो...
जबसे देखा उनको दिल बहका बहका है...
अब तो जुबान पे भी मेरे बस रेखा रेखा है...
उनके दीदार को नयन मेरे पल- पल तरसते है...
उनके चलने से मानो राहों में फूल बरसते हैं...
उनके दीदार के लिए खूब इंतजार देखा है...
लगाव हुआ इतना जैसे मेरे हाथों की रेखा है...
उनकी हंसी मानो सुबह की ताजा धूप...
रोम- रोम मोह लेता है उनका सुंदर रूप...
उनके रूप की धूप में दिल को सेका है...
कायल है उनकी अदा के जिनका नाम रेखा है...
मैं बस वहीं सपना देखूं जिसमें तुम आओ...
खुदा करे मेरे हाथों की रेखा तुम बन जाओ...
@Kavi Mr Ravi
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