रात का नूर ,दिन की शोभा
चुरा के जो चली।
ए खुदा छीन ले मेरी हर खुशी
बस भर दे उसकी अंजली।।
अंजली ही है जो
सुहाने स्पर्श का एहसास दिलाती है।
अंजली में गर अंजली हो,
तो प्रेम का दीप जलाती है।।
मिले उसे ऐसी खुशी
जिसे किसी ने ना देखा हो।
टूट जाये दुखों से रिश्ता उसका
अंजली में ना कोई गम की रेखा हो।।
ए खुदा जिसके लिए
तूने ना कोई गम बांटा हो।
भरी हो फूलों से अंजली उसकी
उन फूलों में ना कोई कांटा हो।।
गर चुभ जाए कोई कांटा
ओर खून उसका बहे
बस उसके चेहरे पर मुस्कान हो
दर्द तो मेरी हर रूह सहे।।
मेरे जीवन का हर हसीन पल
उसके किस्से में आये।
उसके जीवन का हर दुख
मेरे हिस्से में आये।।
गम आये गर जीवन मे तेरे
पहले उस गम में मैं ही जलूँ।
बीन कर खुशियों के मोती
तेरी अंजली में समेटता चलूँ।।
अंजली में फूल हो हमेसा
ना कभी छाला हो।
हो हर राह में खुशी तेरे
न किस्मत का रंग काला हो।।
जिसने थामी तुम्हारी अंजली
खूदा बन जाएगा।
कमा ले सारा धन
तुझसा धन ना कमा पायेगा।।
By-ravi jangid
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Aanjali kon h
ReplyDeleteHitanshu
Thi koi
DeleteThnkuuu
Deletenic
ReplyDeleteWwa wa
ReplyDeleteVery nice ji
ReplyDeleteSuperb
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